पीएम मोदी की मुंबई रैली से पहले बड़ा सुरक्षा फेरबदल, PMO की फर्जी आईडी और बंदूक के साथ दो संदिग्ध गिरफ्तार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर से हाई-प्रोफाइल सुरक्षा घेरे और सनसनीखेज खुलासे के चलते सुर्खियों में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे और उनके एक बड़े कार्यक्रम से ठीक पहले मुंबई पुलिस ने असाधारण मुस्तैदी दिखाते हुए दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं और शहरभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित प्रतिष्ठित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) के पास से पकड़े गए इन दोनों संदिग्धों के पास से जो चीजें बरामद हुई हैं, उसने पुलिस और खुफिया तंत्र को भी हैरान कर दिया है। आरोपियों के पास से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का एक बेहद शातिराना तरीके से तैयार किया गया फर्जी पहचान पत्र (ID Card) और एक जानलेवा बंदूक बरामद की गई है। इस बड़ी घटना ने एक बार फिर से देश के वीवीआईपी दौरों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता और उसमें सेंध लगाने की साजिशों को बेनकाब कर दिया है।
मंगलवार को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसी सुरक्षा घेरे के दौरान, बीकेसी स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर के पास पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने दो संदिग्ध युवकों को घूमते हुए देखा। सुरक्षा बलों को उनकी गतिविधियां काफी संदेहास्पद लगीं, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ के दौरान जब उनके सामान की तलाशी ली गई, तो सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए। पकड़े गए मुख्य आरोपी के पास से एक ऐसा पहचान पत्र मिला, जो प्रथम दृष्टया देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कार्यालय यानी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ा हुआ था।
पुलिस पूछताछ और शुरुआती तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि हिरासत में लिया गया मुख्य आरोपी करीब 24 वर्ष का एक युवक है। यह शातिर युवक खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का एक वरिष्ठ और जिम्मेदार अधिकारी बता रहा था। अपनी झूठी पहचान का धौंस जमाकर वह इसी रसूख के बल पर वीवीआईपी कार्यक्रम स्थल और उस प्रतिबंधित परिसर के भीतर अवैध रूप से दाखिल होने की फिराक में था। उसके साथ मौजूद दूसरा संदिग्ध व्यक्ति एक निजी बॉडीगार्ड के रूप में उसके साथ चल रहा था, जिसके पास से पुलिस ने एक अत्याधुनिक बंदूक भी बरामद की है। आरोपी इतने शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे कि यदि वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने थोड़ी सी भी लापरवाही बरती होती, तो एक बड़ी सुरक्षा चूक हो सकती थी।
मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 7 सितंबर को पकड़े गए इस मुख्य आरोपी ने अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीके से एक नकली और जाली पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था। वह इसी फर्जी आईडी कार्ड को दिखाकर सुरक्षा कर्मियों और पुलिस को यह विश्वास दिलाना चाहता था कि वह सरकार का अधिकृत अधिकारी है। हालांकि, वहां ड्यूटी पर तैनात सतर्क पुलिसकर्मियों ने जब उसके पहचान पत्र की बारीकी से जांच की, तो उसकी असलियत सामने आ गई और दस्तावेजों की पूरी तरह से फर्जी होने की पुष्टि हो गई। इसके तुरंत बाद पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए दोनों आरोपियों को दबोच लिया और उनके खिलाफ बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) पुलिस स्टेशन में गंभीर धाराओं के तहत औपचारिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इस मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता और प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण, मुंबई पुलिस ने इस केस की जांच को तुरंत मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी और खुफिया एजेंसियों के विशेषज्ञ अब दोनों आरोपियों से आमने-सामने और अलग-अलग गहन पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन दोनों के पास पीएमओ का यह फर्जी पहचान पत्र और हथियार कहां से आया था। इसके साथ ही उनके मोबाइल फोन, कॉरस्पॉडेंट दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस साजिश के पीछे किसी बड़े आपराधिक गिरोह, आतंकवादी संगठन या किसी अन्य स्थानीय षड्यंत्र का हाथ तो नहीं है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार की शाम को दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित वित्तीय सम्मेलनों में से एक ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ का भव्य उद्घाटन करने वाले हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की इस साल की मुख्य थीम ‘प्रभाव की क्षमता: एजेंटिक AI, टोकनाइजेशन, क्वांटम – समावेशी वित्त के लिए विश्वसनीय, कनेक्टेड, वैश्विक प्रणालियां’ तय की गई है। इस बड़े वैश्विक आयोजन में देश-विदेश के कई दिग्गज उद्योगपति, अर्थशास्त्री और गणमान्य अतिथि शामिल हो रहे हैं। यही कारण है कि इस आयोजन से ठीक पहले इस तरह के संदिग्धों का पकड़ा जाना इस बात का संकेत है कि मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को लेकर कितनी सतर्क हैं। इस घटना के बाद से पूरे मुंबई शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है।
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