News India Live, Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ के समापन पर आयोजित इस रैली से पहले कोलकाता के कई इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, रैली में शामिल होने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और टीएमसी समर्थकों के बीच हाथापाई और पथराव की घटनाएं हुई हैं।
घटनाक्रम की मुख्य बातें
झड़प के मुख्य केंद्र: कोलकाता के दक्षिण और मध्य हिस्सों में, विशेष रूप से ब्रिगेड परेड ग्राउंड की ओर जाने वाली सड़कों पर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपा का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं को रैली में आने से रोकने के लिए बसें रोकी गईं और हमले किए गए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: हिंसा को देखते हुए कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है। ब्रिगेड ग्राउंड के आसपास धारा 144 जैसी स्थिति है और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है।
भाजपा का ‘परिवर्तन’ संकल्प: प्रधानमंत्री की यह रैली भाजपा की दो सप्ताह लंबी ‘परिवर्तन यात्रा’ का समापन है, जिसने राज्य की 250 विधानसभा सीटों को कवर किया है। रैली का मंच प्रसिद्ध ‘कालीघाट मंदिर’ की तर्ज पर बनाया गया है।
सरकारी प्रोजेक्ट्स की सौगात: राजनीतिक रैली के अलावा, पीएम मोदी ₹18,680 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे, जिसमें नेशनल हाईवे और रेलवे (पुरुलिया-आनंद विहार एक्सप्रेस) से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
नया चुनावी नारा: इस रैली के जरिए भाजपा अपना नया नारा “पल्टानो दरकार, चाई बीजेपी सरकार” (बदलाव की जरूरत है, भाजपा सरकार चाहिए) को और अधिक मजबूती से जनता के बीच ले जा रही है।
राजनीतिक बयानबाजी
भाजपा: शुभेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि ममता सरकार डरी हुई है और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल भाजपा की रैली को फ्लॉप करने के लिए कर रही है।
TMC: तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा बाहरी लोगों को लाकर शहर की शांति भंग करने की कोशिश कर रही है और बंगाल की जनता प्रधानमंत्री को ‘अतिथि’ के रूप में ही देखती है।
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