कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर की प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द:

News India Live, Digital Desk: आंध्र प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक छात्रा ने कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर द्वारा कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों के भीतर छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना आंध्र प्रदेश के एक प्रसिद्ध शैक्षणिक हब की है। छात्रा एक निजी कोचिंग सेंटर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

प्रताड़ना का आरोप: छात्रा के परिजनों और उसके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट के मुताबिक, कोचिंग सेंटर का डायरेक्टर उसे लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान कर रहा था।

सुसाइड नोट में खुलासा: छात्रा ने अपने नोट में स्पष्ट रूप से डायरेक्टर के व्यवहार और उसके द्वारा दिए जा रहे मानसिक दबाव का जिक्र किया है। उसने लिखा कि प्रताड़ना इस हद तक बढ़ गई थी कि उसके पास अपनी जीवन लीला समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

परिजनों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद छात्रा के माता-पिता और स्थानीय लोगों ने कोचिंग सेंटर के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों की मांग है कि:

कड़ी कार्रवाई: आरोपी डायरेक्टर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और कोचिंग सेंटर का लाइसेंस रद्द किया जाए।

सीसीटीवी फुटेज: पुलिस संस्थान के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करे।

पुलिस की कार्रवाई

स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और संस्थान के अन्य छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या अन्य छात्रों के साथ भी ऐसा व्यवहार किया जा रहा था।

कोचिंग संस्थानों में बढ़ता दबाव: एक चिंताजनक पहलू

यह घटना अकेली नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कोचिंग सेंटरों में पढ़ाई के अत्यधिक दबाव और प्रबंधन के दुर्व्यवहार के कारण छात्रों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के मामले तेजी से बढ़े हैं।

मेंटल हेल्थ: विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थानों में छात्रों के लिए ‘काउंसलिंग’ की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए।

जवाबदेही: कोचिंग संस्थानों के प्रबंधन के लिए सख्त गाइडलाइंस की जरूरत है ताकि छात्रों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

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