कल का मौसम 17 अगस्त: दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत 8 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा और बंगाल में एक्सट्रीमली हेवी रेन की रेड वॉर्निंग

उत्तर से लेकर पूर्व और मध्य भारत तक मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तरी ओडिशा के तटीय इलाकों में एक नया शक्तिशाली ‘निम्न दबाव का क्षेत्र’ (Low-Pressure Area) केंद्रित हो गया है। यह मौसमी प्रणाली अगले 24 घंटों में और अधिक सुदृढ़ होकर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रही है।

इसके साथ ही, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी में स्थित है, जबकि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमोत्तर राजस्थान के ऊपर ऊपरी वायु का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इन सभी मौसमी कारकों के एक साथ जुड़ने से 17 अगस्त को देश के कम से कम 8 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जबकि पूर्वी भारत के 2 राज्यों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’ जारी की गई है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में ‘रेड अलर्ट’: 200 मिमी से अधिक बारिश की आशंका

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का सबसे सीधा और विनाशकारी असर ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर पड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 17 अगस्त के लिए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal) के तटीय और आंतरिक जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

इस रेड अलर्ट के तहत प्रमुख बिंदु:

  • अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall): कुछ स्थानों पर 24 घंटों के भीतर 204.4 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।

  • तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाएं: समुद्र तट पर 45 से 55 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी, जो 65 किमी/घंटा तक के झोंकों में बदल सकती हैं। मछुआरों को 18 अगस्त तक गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

  • शहरी जलभराव और बाढ़ का खतरा: निचले इलाकों, खेतों और कच्ची सड़कों के डूबने की पूरी आशंका है। कोलकाता, हावड़ा, मिदनापुर, बालासोर, मयूरभंज और भद्रक जैसे जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा: उमस से राहत के साथ झमाझम बारिश का दौर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सोमवार, 17 अगस्त को दिनभर रुक-रुक कर तेज बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर का वेदर प्रोफाइल:

  • तापमान में गिरावट: दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने का अनुमान है। बादलों की मौजूदगी और 30 से 40 किमी/घंटा की गति से चलने वाली मानसूनी हवाओं के कारण उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

  • ट्रैफिक और जलभराव की चुनौती: सुबह के पीक आवर्स और दोपहर बाद कुछ इलाकों में तेज बारिश के तेज स्पेल (Intense Spells) आ सकते हैं, जिससे मुख्य चौराहों और अंडरपासों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में 25 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश और 75 किमी/घंटा की आंधी का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राज्य के दोनों हिस्सों—पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी—के लिए मौसम विभाग ने विस्तृत चेतावनी जारी की है।

यूपी के प्रमुख प्रभावित जिले:

  • पश्चिमी यूपी: नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, बिजनौर, मुरादाबाद और सहारनपुर में भारी बारिश और 70 से 75 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

  • पूर्वी व मध्य यूपी: राजधानी लखनऊ, कानपुर, बरेली, हरदोई, सीतापुर, शाहजहांपुर, गोंडा, बस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, प्रतापगढ़, जौनपुर, फतेहपुर और मिर्जापुर-सोनभद्र में बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ भारी बारिश का ‘येलो’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है।

  • तापमान: लखनऊ में अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 27°C के करीब दर्ज होने की संभावना है।

पहाड़ों पर आफत: उत्तराखंड और हिमाचल में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की चेतावनी

पहाड़ी राज्यों में जारी बारिश के दौर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। 17 अगस्त को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश की तीव्रता और अधिक बढ़ने का अनुमान है।

  • उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने देहरादून और टिहरी जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पौड़ी और उत्तरकाशी के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। भारी से बहुत भारी बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन (Landslides) और बोल्डर गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने चारधाम यात्रियों को मौसम का ताजा बुलेटिन देखकर ही सुरक्षित यात्रा करने के निर्देश दिए हैं।

  • हिमाचल प्रदेश: राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश (Cloudburst-like intense spells) की संभावना है। नदी-नालों के जलस्तर में उफान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को व्यास, सतलुज और रावी नदियों के तटों से दूर रहने की हिदायत दी है।

बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान: जानिए अन्य राज्यों का मौसम

देश के अन्य प्रमुख मैदानी और पश्चिमी राज्यों में भी मौसमी हलचल तेज रहेगी:

  • बिहार: गया, बांका, जमुई, कटिहार, भागलपुर, कैमूर, नालंदा, नवादा, औरंगाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में गरज-चमक, आकाशीय बिजली (Lightning Strikes) और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पटना में अधिकतम तापमान 32°C के आसपास रहेगा।

  • पंजाब और हरियाणा: पंजाब के पठानकोट, फिरोजपुर, होशियारपुर, संगरूर, अमृतसर, जालंधर, रूपनगर और फाजिल्का में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। हरियाणा में दोपहर के समय तेज गरज के साथ कुछ क्षेत्रों में स्थानीय तीव्र बारिश हो सकती है।

  • गुजरात और पश्चिमी भारत: दक्षिण और मध्य गुजरात के दाहोद, नर्मदा, तापी, वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, पंचमहाल और वडोदरा में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है।

  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और धूप निकलने का अनुमान है।

खराब मौसम के दौरान बचाव के जरूरी उपाय और एडवाइजरी

मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें: तेज आंधी (80 किमी/घंटा तक) के दौरान पुराने पेड़ों की टहनियां टूटने और होर्डिंग्स गिरने का खतरा रहता है; इसलिए खुले मैदान या पक्के मकानों में ही रुकें।

  • बिजली चमकने पर खुले में न रहें: यदि आप खेत या खुले में हैं, तो तुरंत किसी पक्की इमारत के भीतर चले जाएं। धातु की वस्तुओं, लोहे की ग्रिल और पानी के स्रोतों से तुरंत दूर हटें।

  • पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचें: भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और जलमग्न रपटों (Overflowing Drains) को पार करने की बिल्कुल कोशिश न करें।

  • किसानों के लिए सलाह: खेतों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध करें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित तिरपाल से ढक कर रखें।

17 अगस्त को सक्रिय हो रहा यह मानसूनी सिस्टम अगले 3 से 4 दिनों तक देश के बड़े भू-भाग को तरबतर रखेगा। घर से बाहर निकलने से पहले अपने स्थानीय मौसम विभाग और ट्रैफिक पुलिस की लाइव एडवाइजरी अवश्य जांच लें।

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