होर्मुज की खाड़ी में भारत की कवच नीति जयशंकर ने LPG सप्लाई पर दिया बड़ा अपडेट, तैनात हुए INS नंदा देवी:
News India Live, Digital Desk: वैश्विक ऊर्जा मानचित्र पर होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है, जहाँ से भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण इस क्षेत्र में भारतीय टैंकरों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
1. भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज?
ऊर्जा की जीवन रेखा: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल और LPG खाड़ी देशों (सऊदी अरब, इराक, यूएई) से आयात करता है। यह सारा माल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ही भारतीय बंदरगाहों तक पहुँचता है।
LPG संकट का डर: ईरान के खार्ग (Kharg) द्वीप के पास किसी भी प्रकार की सैन्य हलचल सीधे तौर पर भारत के रसोई गैस (LPG) आपूर्ति नेटवर्क को प्रभावित कर सकती है।
2. भारतीय नौसेना का ‘ऑपरेशन संकल्प’
समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय नौसेना ने अपने अत्याधुनिक युद्धपोत और निगरानी तंत्र को तैनात किया है:
INS शिवालिक (INS Shivalik): यह गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट इस क्षेत्र में भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए गश्त कर रहा है।
INS नंदा देवी (INS Nanda Devi): आपूर्ति और रसद सहायता के लिए तैनात यह जहाज भारतीय बेड़े की परिचालन क्षमता को बनाए रखने में मदद कर रहा है।
निगरानी: पी-8आई (P-8I) टोही विमान और ड्रोन के जरिए पूरे समुद्री क्षेत्र पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
3. विदेश मंत्री एस. जयशंकर का रुख
एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि भारत इस क्षेत्र में शांति का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि”समुद्री सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम सभी संबंधित पक्षों (ईरान सहित) के संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो।”
4. प्रमुख रणनीतिक बिंदु (Key Strategic Points)
खार्ग द्वीप (Kharg Island): यह ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है। इसके आसपास किसी भी प्रकार की घेराबंदी या हमले से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
वैकल्पिक मार्ग: भारत अब अन्य समुद्री मार्गों और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) के उपयोग पर भी विचार कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
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