अक्सर विमान यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और संयम बरतने की हिदायत दी जाती है, लेकिन कई बार यात्रियों का गुस्सा इस हद तक बढ़ जाता है कि वह बड़ी तबाही का कारण बन सकता है। एक चौंकाने वाली घटना में विमान के भीतर तब अफरा-तफरी मच गई जब एक यात्री को अनाउंसमेंट के लिए माइक्रोफोन (माइक) नहीं दिया गया। इस छोटी सी बात से यात्री का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने आव देखा न ताव, सीधे विमान का इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) का शीशा ही तोड़ डाला। इस खतरनाक हरकत से विमान में बैठे अन्य यात्रियों की सांसें थम गईं और कुछ पलों के लिए केबिन के अंदर भारी दहशत का माहौल बन गया।
मामूली सी बात पर कैसे बेकाबू हुआ यात्री और क्या था पूरा मामला?
घटना के वक्त विमान अपनी उड़ान की तैयारियों में जुटा था और क्रू मेंबर यात्रियों को जरूरी निर्देश दे रहे थे। इसी दौरान उस यात्री ने किसी बात की घोषणा करने या अपनी बात रखने के लिए क्रू से माइक्रोफोन की मांग की। जब सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमों का हवाला देते हुए क्रू मेंबर्स ने उसे माइक देने से इनकार कर दिया, तो वह पूरी तरह से आपा खो बैठा। गुस्से से पागल उस यात्री ने अपनी जिद पर अड़े हुए विमान के दरवाजे पर लगे इमरजेंसी एग्जिट ग्लास पर हमला बोल दिया और उसे चकनाचूर कर दिया। गनीमत यह रही कि विमान उड़ान भरने से पहले जमीन पर ही था, वरना एक बड़ी और भयानक दुर्घटना घट सकती थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने दबोचा, विमानन सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
यात्री की इस हरकत के तुरंत बाद एयरलाइन स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षा कर्मियों और एयरपोर्ट सिक्योरिटी को इसकी सूचना दी। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए आरोपी यात्री को हिरासत में ले लिया और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस अजीबोगरीब और खतरनाक घटना के बाद एक बार फिर से विमान यात्रा के दौरान यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य, एयर रेज (हवाई गुंडागर्दी) और फ्लाइट सेफ्टी के कड़े नियमों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई दूसरा यात्री ऐसी हिम्मत न कर सके।
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