भारत का नया ‘इकोनॉमिक ब्लूप्रिंट’: मध्यम वर्ग बनेगा ग्रोथ इंजन, 500 शहरों में दौड़ेंगी आर्थिक गतिविधियां India’s new ‘economic blueprint’: Middle class to become growth engine, economic activity to accelerate in 500 cities

भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के पीछे का सबसे बड़ा ‘ड्राइविंग फोर्स’ अब देश का मध्यम वर्ग बनने जा रहा है। फ्रांस के प्रतिष्ठित ‘रेनकांट्रेस इकोनमिक्स डि एक्स-एन-प्रोवेंस’ मंच पर संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बड़ा विजन साझा किया है। उन्होंने घोषणा की है कि आने वाले समय में भारत के लगभग 500 शहर देश की नई आर्थिक गतिविधियों के केंद्र बनेंगे। वित्त मंत्री के अनुसार, भारत की 31 प्रतिशत जनसंख्या मध्यम वर्ग है, जो देश के आर्थिक भविष्य की धुरी है।

महानगरों से बाहर निकलेगा विकास का पहिया वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की आर्थिक वृद्धि का दायरा अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। वर्तमान में भारत में कुल उपभोक्ता खर्च का 93 प्रतिशत हिस्सा मध्यम वर्ग और संपन्न उपभोक्ताओं के जरिए आ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि यह उपभोक्ता वर्ग अब केवल दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों तक केंद्रित नहीं है, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि धन का वितरण स्वाभाविक रूप से छोटे शहरों की ओर बढ़ रहा है, जो इन शहरों को निवेश और व्यापार के नए हब के रूप में स्थापित करेगा।

6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा मध्यम वर्ग सीतारमण ने उन आंकड़ों पर भी प्रकाश डाला जो भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि जब से भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार के लिए खोला है, मध्यम वर्ग की वार्षिक वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रही है। यह निरंतर वृद्धि दर साबित करती है कि भारत के पास एक विशाल और सक्षम उपभोक्ता आधार है। सरकार की अब रणनीति उन 500 शहरों को विकसित करने की है, जहां से भविष्य की आर्थिक क्रांति को गति दी जा सकेगी। यह बदलाव न केवल क्षेत्रीय असंतुलन को कम करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

 

 

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