पूर्वोत्तर को मिली पहली हाई-स्पीड कॉरिडोर की सौगात,मोदी ने किया ₹22,860 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास:
News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री ने सिलचर (असम) में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट की नींव रखी। यह कॉरिडोर न केवल असम और मेघालय को जोड़ेगा, बल्कि त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के लिए भी लाइफलाइन साबित होगा।
प्रोजेक्ट की 5 बड़ी विशेषताएं
दूरी और समय में बचत: 166 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर गुवाहाटी और सिलचर के बीच की यात्रा के समय को 8.5 घंटे से घटाकर मात्र 5 घंटे कर देगा।
एक्सेस-कंट्रोल डिजाइन: यह पूर्वोत्तर का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा जो पूरी तरह ‘एक्सेस-कंट्रोल’ होगा, यानी इसमें वाहनों की आवाजाही के लिए निश्चित प्रवेश और निकास बिंदु होंगे, जिससे तेज रफ्तार और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
रूट मैप: यह कॉरिडोर मेघालय के मावलिंगखुंग (शिलांग के पास) से शुरू होकर असम के पंचग्राम (सिलचर के पास) तक जाएगा। इसका लगभग 144 किमी हिस्सा मेघालय और 22 किमी हिस्सा असम में पड़ेगा।
रणनीतिक महत्व: यह कॉरिडोर ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत भारत को म्यांमार और बांग्लादेश से जोड़ने वाले व्यापारिक मार्गों के लिए एक प्रमुख कड़ी बनेगा।
पहाड़ी बाधाओं से मुक्ति: वर्तमान में हाफलोंग वाले पहाड़ी रास्ते पर भूस्खलन और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है, यह नया ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट उन सभी बाधाओं को बाईपास करेगा।
सिलचर में अन्य बड़ी घोषणाएं
प्रधानमंत्री ने सिलचर से कुल ₹23,550 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का अनावरण किया, जिनमें शामिल हैं:
असम माला 3.0: ₹3,200 करोड़ की लागत से 900 किमी से अधिक सड़कों का निर्माण।
एलीवेटेड कॉरिडोर: सिलचर शहर के ट्रैफिक को कम करने के लिए NH-306 पर एक नया फ्लाईओवर।
कृषि कॉलेज: करीमगंज के पाथरकांडी में नए कृषि महाविद्यालय की आधारशिला।
विपक्ष पर प्रहार: “दिल्ली और दिल से दूरी खत्म हुई”
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक पूर्वोत्तर को ‘दिल्ली’ और ‘दिल’ दोनों से दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन” सरकार ने इस क्षेत्र को भारत की विकास यात्रा का केंद्र बना दिया है।
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