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- गुवाहाटी के PWD Convention Auditorium, दिसपुर में समग्र विकास न्यास के तत्वावधान में ‘द हिंदू मैनिफेस्टो’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया।
- स्वामी विज्ञानानंद जी ने पुस्तक के 8 अध्यायों की व्याख्या करते हुए इसे समाज और राष्ट्र निर्माण का एक मार्गदर्शक दस्तावेज बताया।
- कुमार राकेश जी ने पुस्तक को समयानुकूल और विचारोत्तेजक बताते हुए स्वामी विज्ञानानंद जी के ज्ञान, दृष्टिकोण और समाज के प्रति समर्पण की सराहना की।
- कार्यक्रम के अंत में भुवनेश्वर कलिता जी ने जिम्मेदार समाज निर्माण का आह्वान किया, जबकि पूनम शर्मा जी ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, २३ मई: समग्र विकास न्यास के तत्वावधान में आज गुवाहाटी के पीडब्ल्यूडी कन्वेंशन हॉल, दिसपुर में “‘द हिंदू मैनिफेस्टो पुस्तक का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। “हिंदू पुनर्जागरण और हिंदुत्व का जागरण” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथि, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
दिसपुर के पीडब्ल्यूडी कन्वेंशन हॉल (PWD Convention Hall) में प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों, सामाजिक नेताओं और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति में एक भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन, दीप प्रज्वलन और उद्घाटन सत्र के साथ हुई। इसके बाद पुस्तक का औपचारिक लोकार्पण किया गया।
अपने मुख्य संबोधन में स्वामी विज्ञानानंद जी ने ‘द हिंदू मैनिफेस्टो पुस्तक के 8 अध्यायों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी और कहा कि ये अध्याय एक सशक्त, समृद्ध और मूल्य-आधारित भारत के निर्माण की दिशा दिखाते हैं।
उन्होंने पुस्तक के 8 अध्यायों को इस प्रकार समझाया—
सभी के लिए समृद्धि: समाज के हर वर्ग के आर्थिक और सामाजिक विकास की आवश्यकता।
शत्रु पर विजय, नागरिक की रक्षा: राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा पर बल।
सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: उत्कृष्ट और संस्कारयुक्त शिक्षा व्यवस्था।
जिम्मेदार लोकतंत्र: जवाबदेही और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं की आवश्यकता।
महिलाओं के प्रति सर्वोच्च सम्मान: महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण।
भेदभाव रहित सामाजिक व्यवस्था: समानता और सामाजिक समरसता का निर्माण।
प्रकृति की रक्षा: पर्यावरण संरक्षण और संतुलित जीवनशैली।
मातृभूमि के प्रति सम्मान: देश, संस्कृति और सभ्यता के प्रति गौरव और सम्मान।
स्वामी जी ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का एक मार्गदर्शक दस्तावेज है।
अपने संबोधन में कुमार राकेश जी ने कहा कि ‘द हिंदू मैनिफेस्टो एक विचारोत्तेजक और समसामयिक पुस्तक है, जो समाज के सामने महत्वपूर्ण विषयों पर नई दृष्टि प्रस्तुत करती है। उन्होंने स्वामी विज्ञानानंद जी के ज्ञान, दृष्टिकोण और समाज के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक समाज के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज सिद्ध होगी।
कार्यक्रम के अंत में विशेष संबोधन देते हुए भुवनेश्वर कलिता जी ने कहा कि इस प्रकार के साहित्य और विचार राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर जिम्मेदार भारत निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में पूनम शर्मा ने स्वामी विज्ञानानंद जी, भुवनेश्वर कलिता जी, कुमार राकेश जी, सभी अतिथियों, आयोजकों और उपस्थित जनों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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