दिल्ली में 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली आंधी के बाद मौसम का बड़ा यू-टर्न: प्री-मानसून की दस्तक, जानें कब मिलेगी भीषण गर्मी से राहत

दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए मौसम अगले कुछ दिनों में बेहद दिलचस्प और राहत भरा होने जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू की मार झेल रहे दिल्लीवालों को अब आंधी-तूफान, गरज-चमक और झमाझम बारिश का एक मिला-जुला पैकेज देखने को मिलने वाला है। भारत मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमानों के मुताबिक, इस हफ्ते के अंत तक दिल्ली के तापमान में एक बहुत ही बड़ी और सुखद गिरावट दर्ज की जा सकती है।

इस बड़े बदलाव की शुरुआत बीते मंगलवार को आई उस भीषण और डरावनी धूल भरी आंधी से हो चुकी है, जिसने राजधानी को पूरी तरह से अपनी आगोश में ले लिया था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज यानी 10 जून को भी दिल्ली का आसमान पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा और मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी रहने वाला है।

 

ऊपर दी गई तस्वीर में आप साफ देख सकते हैं कि किस तरह आंधी और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण दिल्ली के ऐतिहासिक इंडिया गेट के ऊपर घने काले बादलों का डेरा जमा हुआ है। यह विजुअल दिल्ली में मौसम के अचानक बदले मिजाज और आने वाले तूफान की तीव्रता को साफ बयां करता है।

पालम में हवा की रफ्तार ने दोहराया 25 साल पुराना इतिहास

बीता मंगलवार दिल्लीवालों के लिए काफी चौंकाने वाला रहा। शाम के समय अचानक आए धूल के गुबार और आंधी ने पूरी रफ्तार पकड़ ली। मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के पालम मौसम केंद्र पर शाम 6:50 बजे से 6:52 बजे के बीच महज दो मिनट के भीतर हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

यह रफ्तार इतनी खतरनाक थी कि इसने सीधे तौर पर 25 साल पुराने एक बड़े रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले पालम स्टेशन पर इतनी भीषण और तेज आंधी आज से ठीक 25 साल पहले 4 जून 2001 को दर्ज की गई थी।

अगले 5 दिनों का मौसम का हाल: कब और कितनी मिलेगी राहत?

भले ही आंधी और प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं, लेकिन आज (बुधवार) दिल्ली में उमस और गर्मी का असर बना रहेगा। आज अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। लेकिन असली राहत गुरुवार से मिलनी शुरू होगी। मौसम विभाग के पूरे वीकेंड और आने वाले दिनों के फोरकास्ट को आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:

क्यों अचानक बदल रहा है उत्तर भारत का मौसम?

मौसम में आए इस अचानक और बड़े बदलाव के पीछे एक मजबूत भौगोलिक कारण है। स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, वर्तमान समय में मध्य पाकिस्तान और उससे सटे भारतीय इलाकों के ऊपर एक शक्तिशाली साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) बना हुआ है।

 मौसम विभाग की जरूरी सलाह

इसी चक्रवाती सिस्टम के कारण मैदानी इलाकों से नमी और ठंडी हवाएं उठ रही हैं जो अचानक आंधी और बारिश का रूप ले रही हैं। आईएमडी ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या कमजोर दीवारों के पास खड़े होने से बचें, क्योंकि 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं नुकसान पहुंचा सकती हैं। कुल मिलाकर कहें तो दिल्लीवालों के लिए अब झुलसाने वाली लू के दिन खत्म होने वाले हैं और आने वाला हफ्ता बेहद राहत भरा होने जा रहा है।

 

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