केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन को मिल सकती है मंजूरी, FII और FPI निवेशकों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा
देश के वित्तीय बाजार और विदेशी निवेशकों के लिहाज से एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है। इस संशोधन प्रस्ताव के जरिए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities/G-Secs) में निवेश पर मिलने वाली टैक्स छूट के प्रावधान को पूरी तरह से कानून का रूप दे दिया जाएगा। सरकार की तरफ से इस व्यवस्था को पहले ही 1 अप्रैल से लागू करने के वास्ते अध्यादेश जारी किया गया था, जिसे अब स्थाई जामा पहनाने की तैयारी है।
अध्यादेश को कानून में बदलने की पूरी प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने बीते 1 अप्रैल से विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने पर टैक्स छूट देने के उद्देश्य से एक अध्यादेश (Ordinance) जारी किया था। इस अध्यादेश की मदद से व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया था, ताकि विदेशी निवेशक बिना किसी प्रशासनिक रुकावट के भारत के बॉन्ड मार्केट में पैसा लगा सकें।
अब उसी अध्यादेश को स्थाई और पुख्ता कानून में बदलने के लिए एक विशेष संशोधन विधेयक तैयार किया गया है। कैबिनेट की बैठक में इस संशोधन विधेयक को हरी झंडी मिलने के बाद इसे संसद में पेश करने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिसके बाद इनकम टैक्स एक्ट में औपचारिक रूप से सरकारी प्रतिभूतियों से जुड़े इन प्रावधानों को शामिल कर लिया जाएगा।
FII और FPI निवेशकों को मिलेगा दीर्घकालिक प्रोत्साहन
इनकम टैक्स एक्ट में इस संशोधन के मुहर लगने के बाद FII और FPI के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश का पूरा टैक्स ढांचा बेहद स्पष्ट और पारदर्शी हो जाएगा। सरकार द्वारा उठाए जा रहे इस कदम का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेशकों को भारत के सरकारी कर्ज बाजार (Debt Market) में लंबे समय के लिए निवेश करने के वास्ते प्रोत्साहित करना है।
जब विदेशी निवेशक देश की सरकारी प्रतिभूतियों में बड़े पैमाने पर निवेश करते हैं, तो इससे समग्र वित्तीय बाजार को मजबूती मिलती है। इस अध्यादेश को स्थाई कानून का रूप मिलने से विदेशी संस्थागत निवेशकों के मन से नियमों में बदलाव को लेकर बनी हर तरह की अनिश्चितता और संशय हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा, जिससे भारत के प्रति उनका भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
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