तेल अवीव/तेहरान , 20 मार्च 2026 । मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने बड़ा दावा किया है कि उसने अमेरिकी F-35 Lightning II फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया है। यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को और संवेदनशील बना सकता है।
जंग के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया। IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि एक F-35 जेट को ईरान के ऊपर मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान को मिडिल-ईस्ट के किसी देश में उतारा गया है।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है और पायलट सुरक्षित है। घटना की जांच जारी है। हालांकि अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरानी हमले की पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार हो सकता है जब इस जंग के दौरान ईरान ने किसी अमेरिकी सैन्य विमान को निशाना बनाया हो। F-35 दुनिया के सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में गिना जाता है और इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से अधिक होती है।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, उनकी रक्षा प्रणाली ने एक ऑपरेशन के दौरान इस अत्याधुनिक स्टेल्थ जेट को निशाना बनाया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और अमेरिका की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
F-35 को दुनिया के सबसे आधुनिक और उन्नत लड़ाकू विमानों में गिना जाता है, जो अपनी स्टेल्थ तकनीक और मल्टी-रोल क्षमताओं के लिए जाना जाता है। ऐसे में इस तरह का दावा वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान रणनीतिक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश भी हो सकता है, क्योंकि क्षेत्र में पहले से ही तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। इस तरह के दावों का असर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सैन्य समीकरणों पर पड़ सकता है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर दोनों देशों के आधिकारिक बयानों और स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह सैन्य तकनीक और रक्षा रणनीति के लिहाज से एक बड़ा घटनाक्रम हो सकता है।
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