मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के सियासी बोल- दिल्ली के मामले में LG ही बिग बॉस

नई दिल्ली । सरकार और नौकरशाही में चल रहे विवाद के बीच मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने अधिकारों को लेकर सर्कुलर जारी किया है। उन्होंने सभी सचिवों से साफ कहा है कि दिल्ली के मामले में उपराज्यपाल ही बॉस हैं।

ऐसे में नीतिगत फैसलों पर उपराज्यपाल या उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति की मंजूरी अनिवार्य है। उन्होंने यह सर्कुलर सभी प्रधान सचिवों,सचिवों,विभाग प्रमुखों और मंत्रियों के सचिवों को भेजा है। जिसमें उन्होंने अहम फैसलों को लेने की प्रक्रिया में सचेत किया है।

मुख्य सचिव की ओर से जारी सर्कलुर नंबर  सीएस/2018/3266 में अहम निर्णयों को लेकर नौकरशाही को आगाह किया गया है। उन्होंने साफ किया है कि कानून व नियम का उल्लंघन कर अगर कोई योजना लागू की जा रही है। इससे आर्थिक हानि होती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर धनराशि की वसूली की जाएगी।

सर्कुलर के अनुसार उपराज्यपाल के आदेश और निर्णय को उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति द्वारा उस पर मुहर लगा देने के बाद उक्त आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा। अगर कोई अधिकारी इसका पालन नहीं करेगा तो नियमों की अवमानना मानी जाएगी।

बता दें कि उपराज्यपाल दिल्ली प्रशासन के मुखिया होने के नाते भूमि,पुलिस व सेवा विभाग के अलावा कई विषयों पर लगातार बैठक कर रहे हैं। इसमें सड़कों को जाम मुक्त करना,सड़कों के किनारे हरियाली व राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने जैसे विषय शामिल हैं। पिछले कुछ माह से उपराज्यपाल की सक्रियता और बढ़ी है। उपराज्यपाल निवास साफ कर चुका है कि आप सरकार का रवैया अधिकारियों के प्रति कुछ भी रहे।  दिल्ली का विकास प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

वहीं पिछली 20 फरवरी से सभी सचिव व प्रधान सचिव मंत्रियों की बैठकों का बहिष्कार कर रहे हैं । अधिकारी वर्ग और मंत्रियों के बीच दूरी बढ़ चुकी है और इसका समाधान हाल फिलहाल नहीं दिख रहा। उधर दिल्ली सरकार उपराज्यपाल पर समानान्तर सरकार चलाने का आरोप लगा रही है।

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